*मैने देखा नही रंगो से जुदा करके उसे*
*उसने जो पहना वही मेरा पसंदीदा हुआ*
तेरे वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी,
मैं खोखली सीप और तू मोती रूहानी।
आशियाना बनाये भी तो कहाँ बनाये,
जमीनें महँगी हो चली है और दिल में लोग जगह नहीं देते
❣तनहाईने ही हर दर्द को पीने का सलीक़ा सीखा दिया,*
⭐🌾⭐
*मुँह मोड़ कर अपनो ने जीने का तरीक़ा सीखा दिया!❣*
*जो कदर नहीं करते उनके लिये लोग रोते हैं,*
*और जो हर किसी की कदर करते हैं लोग उन्हें अक्सर रुलाते हैं..*
तन्हा रहना तो ,,मोहब्बत वालो की एक रस्म है ,
अगर फूल सिर्फ खुशी के लिये होते तो ,जनाजे पर न डाले जाते
*उसने जो पहना वही मेरा पसंदीदा हुआ*
तेरे वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी,
मैं खोखली सीप और तू मोती रूहानी।
आशियाना बनाये भी तो कहाँ बनाये,
जमीनें महँगी हो चली है और दिल में लोग जगह नहीं देते
❣तनहाईने ही हर दर्द को पीने का सलीक़ा सीखा दिया,*
⭐🌾⭐
*मुँह मोड़ कर अपनो ने जीने का तरीक़ा सीखा दिया!❣*
*जो कदर नहीं करते उनके लिये लोग रोते हैं,*
*और जो हर किसी की कदर करते हैं लोग उन्हें अक्सर रुलाते हैं..*
तन्हा रहना तो ,,मोहब्बत वालो की एक रस्म है ,
अगर फूल सिर्फ खुशी के लिये होते तो ,जनाजे पर न डाले जाते
