🌹रिश्ते होते है
मोतियो की तरह
कोई गिर भी जाये
तो झुक कर
उठा लेना चाहिए 🌹
💖साथ बिताई..... तेरे संग... वो शाम ......सुहानी जिंदा है .....*
*होंठ भले सूखे हो... फिर भी, ......आँख मे पानी जिंदा है....*❤❤💖
# क्या कहा ख़्वाब में देखा था मुझे
इसका मतलब के सो लिया तुमने
# *खुश रहना हो... तो... अपनी फितरत में...., एक बात शुमार कर लो..!*
*ना मिले कोई अपने जैसा...., तो खुद से प्यार कर लो..!!*
# *किसको सुनाएँ अपने गमों के चंद पन्नो के किस्से.....*
*यहां तो हर शख्स भरी किताब लिए बैठा है......*
🌹🌹
# *कहानी खत्म हो तो कुछ*
*ऐसे खत्म हो..!*
*के लोग रोने लगे तालियाँ*
*बजाते बजाते..!!💔*
# अगर मैं सोचूं कि मुझे*
*किसी की भी ज़रूरत नहीं..*
*तो ये मेरा 'अहम' है।।*
*और अगर मैं सोचूं कि*
*सबको मेरी ज़रूरत है..*
*तो ये मेरा 'वहम' है।।*
# बटुआ रुमाल और घड़ी कभी भूलता नहीं....*
*ख़याल अपना मैं ख़ुद ही रखता हूँ....*
# *मेरा इश्क बड़ा नाज़ुक है इसे सहेज के रखना...,*
*इसे उंगलियों से मत पकड़ना... हथेलियों पे रखना....*
# _यूँ तो बड़े व्यस्त हो तुम..._*
*_.......फिर मुझे_*
*_भूलने की फुर्सत कैसे मिली...?_*
_सँवरना ही है,तो किसी की नज़रों में सँवरीये जनाब....काँच के आईने से खुद का मिज़ाज पूछा नहीं करते..!!_*
🔥💔
मोतियो की तरह
कोई गिर भी जाये
तो झुक कर
उठा लेना चाहिए 🌹
💖साथ बिताई..... तेरे संग... वो शाम ......सुहानी जिंदा है .....*
*होंठ भले सूखे हो... फिर भी, ......आँख मे पानी जिंदा है....*❤❤💖
# क्या कहा ख़्वाब में देखा था मुझे
इसका मतलब के सो लिया तुमने
# *खुश रहना हो... तो... अपनी फितरत में...., एक बात शुमार कर लो..!*
*ना मिले कोई अपने जैसा...., तो खुद से प्यार कर लो..!!*
# *किसको सुनाएँ अपने गमों के चंद पन्नो के किस्से.....*
*यहां तो हर शख्स भरी किताब लिए बैठा है......*
🌹🌹
# *कहानी खत्म हो तो कुछ*
*ऐसे खत्म हो..!*
*के लोग रोने लगे तालियाँ*
*बजाते बजाते..!!💔*
# अगर मैं सोचूं कि मुझे*
*किसी की भी ज़रूरत नहीं..*
*तो ये मेरा 'अहम' है।।*
*और अगर मैं सोचूं कि*
*सबको मेरी ज़रूरत है..*
*तो ये मेरा 'वहम' है।।*
# बटुआ रुमाल और घड़ी कभी भूलता नहीं....*
*ख़याल अपना मैं ख़ुद ही रखता हूँ....*
# *मेरा इश्क बड़ा नाज़ुक है इसे सहेज के रखना...,*
*इसे उंगलियों से मत पकड़ना... हथेलियों पे रखना....*
# _यूँ तो बड़े व्यस्त हो तुम..._*
*_.......फिर मुझे_*
*_भूलने की फुर्सत कैसे मिली...?_*
_सँवरना ही है,तो किसी की नज़रों में सँवरीये जनाब....काँच के आईने से खुद का मिज़ाज पूछा नहीं करते..!!_*
🔥💔
